Monday, April 28, 2025

मां ने प्रेमी के साथ मिलके अपने १३ वर्षीय बेटे की हत्या कर दी...!

 

बार-बार घर आता था दुकान मालिक, बेटे को हुआ शक, हकीकत जान खिसक गई पैरों तल जमीन... 

Writer : Sushant Patil Storyteller

Disclaimer : इस ब्लॉग में इस्तेमाल की गयी सारी फोटो हमारी खुद की बनायी हुई और खुद के फेसबुक पेज "Sushant Patil Storyteller" व्हिडिओस से लिये है जिनके लिंक ऊपर दिये हैं...! 

 


मुरैना में महिला ने प्रेमी से कराई बेटे की हत्या, जंगल में फेंकी लाश...
जानते हैं पुरा मामल क्या थां... 


मुरैना के सिविल लाइन इलाके की शिवनगर कॉलोनी में रहने वाली महिला के घर आए दिन दुकान मालिक आता था. महिला का बेटा उसकी दुकान में काम करता था. दुकान मालिक के रोज-रोज घर आने पर बेटे को शक हुआ. फिर कुछ ऐसा कि पुलिस सिहर गई. 




अमित शर्मा. मुरैना. नाबालिग किशोर का अपहरण करके हत्या करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. किशोर की हत्या करने की योजना किसी और ने नहीं बल्कि उसकी मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर तैयार की थी. मां ने उसे 9 महीने पेट में रखा और फिर पाल-पोसकर 13 साल का कर दिया. फिर ऐसा कुछ ऐसा हुआ कि मां ने कोख से जन्म लेने वाले बेटे हत्या कर दी.घटना मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना इलाके के शिवनगर कॉलोनी की है

दरअसल, मुरैना जिले के सिविल लाइन इलाके के शिवनगर की एक महिला का अफीम खान नाम के व्यक्ति से प्रेम प्रसंग था. दोनों के प्रेम प्रसंग की जानकारी सीताराम को थी. सीताराम ने इसका एक वीडियो भी बना लिया था. सीताराम ने वीडियो दिखाकर अफीम खान से कई बार पैसे भी ऐंठे थे. सीताराम नाबालिक की मां का भी खर्चा उठा रहा था इसलिए उसने इस बात की शिकायत सीताराम की मां से की. दोनों में सहमति बनी और दोनों ने नाबालिक सीताराम की हत्या करने का प्लान तैयार कर लिया. अफीम खान नाबालिक सीताराम को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर नेशनल हाइवे 44 पर होते हुए चंबल के बीहड़ों देवपुरी बाबा मंदिर के पास लेकर पहुंचा और उसने वहां जाकर उसकी हत्या कर दी.

 


पुलिस के मुताबिक लोकेंद्र कुशवाह (40) मुरैना के शिवनगर कॉलोनी में किराए के मकान में पत्नी कुंजावती के साथ रहता था. मजदूरी करने वाले लोकेंद्र के दोनों बेटे गरीबी के कारण पढ़-लिख नहीं सके. पति-पत्नी में कई बार झगड़ा होता रहता था.बड़ा बेटा कारीगरी का काम करता है. छोटे बेटे सीताराम ने पहले बैरियर चौराहे पर चाय की दुकान खोली. दुकान नहीं चली तो बंद कर दी. इसके बाद वह उसका संपर्क अंबाह निवासी रफीक खान नाम के व्यक्ति से हुआ. उसकी टायर पंचर की दुकान पर सीताराम काम करने लगा था. सीताराम के कारण रफीक खान का कुंजावती के घर आना-जाना शुरू हो गया. दोनों में नजदीकियां बढ़ी. दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई. एक दिन छोटे बेटे ने मां और रफीक के निजी पलों का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. तभी वह रफीक को ब्लैकमेल करने लगा.हर बार वीडियो वायरल करने की धमकी देता था. इस तरह से 40 हजार रुपये ले लिए. कुंजावती को वीडियो की जानकारी नहीं थी.



जब सीताराम ने ब्लैकमेल करना बंद नहीं किया तो रफीक ने कुंजावती को हकीकत बता दी. इस बात से नाराज कुंजावती ने बेटे की हत्या का प्लान बनाया.प्लान के तहत 27 नवंबर को रफीक कुंजावती के बेटे को अपने साथ बाइक से मुरैना के नेशनल हाइवे 44 पर बाबा देवपुरी के पुराने मंदिर के दर्शन कराने की बात कहकर साथ ले गया. जंगल में ले जाकर हत्या कर दी. लाश बीहड़ में फेंक कर घर लौट आया.


मासूम बेटे का हुआ मर्डर, बाहर से दुखी मां को पुलिस ने पकड़ा, वजह जान रह गई सन्न

मुरैना एएसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया, ‘पुलिस ने बच्चे के पिता की रिपोर्ट पर गंभीरता से मामले की जांच की. मुख्य आरोपी अंबाह निवासी रफीक खान है. बच्चे की मां और रफीक खान के बीच अवैध संबंध थे. बच्चे को इसकी भनक लग गई थी. दोनों ने उसकी हत्या कर दी.’

दोस्तो ये थी पूरी कहानी, आपको ये कहानी केसी लगी मुझे जरूर बताए! 



Saturday, April 26, 2025

एक मां ने अपने बेटे की गला घोट के हत्या की और उस हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश और फिर ऐसा हुआ खुलासा...

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक मां ने अपने 15 साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी. बेटा आरोपी मां के ढंग के कपड़े पहनने और बिंदी लगाने को लेकर टोकता था. इसी को लेकर मां-बेटे में लड़ाई भी होती रहती थी.

Writer : Sushant Patil Storyteller

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दोस्तो ये कहानी पूरी सत्य घटना पर आधारीत हैं...! 

मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मां अपने इकलौते बेटे की मौत को आत्महत्या बता रही थी, जबकि बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट उसकी हत्या किए जाने की पुष्टि कर रही थी. पुलिस के मुताबिक, 15 साल के अभ्युदय जैन की मौत गला दबाने के कारण हुई. यानि अभ्युदय की गला घोंटकर हत्या की गई थी. 14 फरवरी यानि वैलेंटाइन डे के दिन हुई इस बच्चे की मौत के मामले में पहले पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा, वैसे-वैसे कई एंगल्स पर जांच पड़ताल करने के बाद पुलिस को मिले साक्ष्य के आधार पर मृतक बालक की मां को आरोपी बनाया गया.

दरअसल, यह मर्डर मिस्ट्री गुना जिले चौधरन कॉलोनी की है. 14 फरवरी को कक्षा 8वीं में पढ़ने वाले 15 साल के अभ्युदय जैन का शव बाथरूम में पड़ा मिला था. पुलिस बयान में मृतक अभ्युदय की मां अल्का ने बताया था कि जब वह शाम 7 बजे बैडमिंटन खेल कर घर आई तो दरवाजा अंदर से बंद था. जब डोर बेल बजाने पर नहीं खुला तो मकान मालिक से चाबी मांगी गई और जब अंदर जाकर देखा तो बेटा बदहवास हालत में बाथरूम में पड़ा हुआ था.


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि
इसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने अभ्युदय को मृत घोषित कर दिया. अभ्युदय के गले में उस समय निशान भी थे और उसके दुपट्टा भी कसा हुआ था. मां बार-बार इसे आत्महत्या बता रही थी, लेकिन जब तीन डॉक्टरों के पैनल से बच्चों का पोस्टमार्टम कराया गया तो सब कुछ आईने की तरह साफ हो गया. बालक अभ्युदय की गला दबाने और दम घुटने के कारण मौत हुई थी. इससे यह साफ हो गया कि अभ्युदय जैन की हत्या की गई थी.

कोतवाली थाना पुलिस ने मां अलका के बयान के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन जब बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अभ्युदय की हत्या की पुष्टि होने के बाद से ही कोतवाली थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया और घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया तो पाया कि बाथरूम टॉवल को टांगने वाली जगह से आत्महत्या नहीं की जा सकती है.

पुलिस की जांच में खुल गई पोल
वहीं घर की नौकरानी उस दिन दोपहर डेढ़ बजे मां और बेटे को खाना खिलाकर दोपहर 2:30 बजे घर से निकली थी. ऐसे में बालक की PM रिपोर्ट में मौत के करीब एक घंटे पहले खाना खाए जाने का जिक्र है तो वहीं मां अलका के दिए गए बयानों में भी पुलिस को विरोधाभास नजर आया. इसके बाद कई अलग-अलग एंगल्स पर जांच की गई, जिसमें मकान मालिक से लेकर घर में काम करने वाली नौकरानी व पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई. साथ ही घर के आसपास लगे CCTV कैमरे भी खंगाले गए.

पुलिस को उलझाने की कहानी सुनाई
इसके बाद पुलिस को यह स्पष्ट हो गया कि अभ्युदय जैन की मां अलका अपने बेटे की हत्या को आत्महत्या बता कर पुलिस को उलझाने के लिए कहानी सुना रही है. पुलिस को दिए बयानों में अलका ने बताया कि उसका बेटा अभ्युदय उसे बात-बात पर टोकता था. वह कभी कहता कि ऐसे कपड़े मत पहना करो, यह कपड़े मत पहना करो, ऐसी बिंदी मत लगाया करो, यह बात उसने एक कॉपी में भी लिखी थी, जो उसे बहुत अखरती थी

मां-बेटे में हुआ था विवाद
वहीं घटना वाले दिन कहासुनी के बाद बेटे की मौत एक दुर्घटना में हुई थी. उस दिन स्कूल से लौटे मां-बेटे के बीच मामूली विवाद हुआ और मां को धक्का देते हुए अभ्युदय खुद को वॉशरूम में बंद करने की नीयत से भागा. बेटे को रोकने की कोशिश में पीछे-पीछे दौड़ी मां अलका जैन के हाथ में अभ्युदय के गले में पड़ी चांदी की चैन आ गई. चैन इतनी मजबूत थी कि चैन खिचने से दुर्भाग्यपूर्ण रूप से उसकी मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने आरोपी मां अलका को जेल भेज दिया है और जरूरत पड़ने पर कोर्ट से आरोपी मां की पूछताछ के लिए डिमांड भी ले सकती है.

IVF तकनीक से बेटे को दिया था जन्म
जानकारी के मुताबिक, शादी के 7 साल बाद IVF तकनीक से अभ्युदय जैन का जन्म हुआ था. बेटे की हत्या के आरोप में गिरफ्तार मां अलका जैन ने बेटे के लिए दर-दर मन्नतें मांगी थी और जब बेटा पैदा हुआ तो जलसा कर पूरे शहर को बुलाया था. अलका के पति अनुपम जैन एक बैंक में ऑडिटर के पद पर जॉब करते हैं और गुना में वह किराए के मकान में रहते हैं. अभी हाल ही में उनका भोपाल ट्रांसफर हुआ है और वह अपने बेटे का एडमिशन कराने की प्रक्रिया में लगे हुए थे और घटना वाले दिन बैंक के काम से गुना शहर से बाहर थे. हालांकि अब बेटे की हत्या में जेल में बंद पत्नी अलका जैन को छुड़ाने के लिए पति अनुपम जैन ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है.

तो दोस्तो ये थी पूरी कहानी... 
तो मानते हो ना... ये कलयुगी मां थी...? 
तो आपने इस कहानी से क्या सिखा आप मुझे जरूर बताए...! 

Friday, April 25, 2025

विद्यार्थी शेर तो गुरु सवाशेर..!

"शादी या परीक्षा?"

Writer : Sushant Patil Storyteller
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सुल्तानपुर का एक लड़का, रवि, अपनी पढ़ाई में कुछ खास नहीं था। परीक्षा में सवालों के जवाब तो उसे नहीं आते थे, लेकिन जुगाड़ में वह माहिर था।
परीक्षा के आखिरी पन्ने पर जब उसके पास लिखने के लिए कुछ नहीं बचा, तो उसने एक आखिरी दांव खेला — इमोशनल कार्ड!

उसने बड़े प्रेम से लिखा:

> "सुल्तानपुर |
 अप्रैल मे मेरी शादी हैं, बड़ी मुशकिल् से ! पास कर देना, अप्रेल में शादी है... टूट जाएगी।"



रवि सोच रहा था,
"अगर ज्ञान से नहीं जीत सकते, तो भावना से जीत लो।"
शायद मास्टर साहब का दिल पसीज जाएगा और वो उसे पास कर देंगे।


उधर मास्टर साहब ने जब यह पढ़ा, तो मुस्कुरा दिए।
उन्होंने भी उत्तर पुस्तिका पर नीचे हल्के से लिखा:


> "बेटा, शादी तो हो जाएगी, लेकिन नौकरी के बिना बीवी भी छोड़ देगी! चलो, अगली बार मेहनत से पास हो जाओ।"




---

सीख:
पढ़ाई में भी और ज़िंदगी में भी, जुगाड़ से ज्यादा मेहनत ही असली मुरिकल करती है!




साली आधी घर वाली ❌ मामी पूरी घरवाली ✅

दोस्तो आपने एक कहावत सुनी होगी... 
साली आधी घरवाली... पर क्या आपने ये कहवत सुनी हैं? 
मामी पूरी घरवाली? अगर नही सुनी हैं तो कोई बात नही अब सूनोगे भी और देखोगे भी..! 

Writer : Sushant Patil Storyteller

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मामी का दिल उसके भतिजे पर आया तो ३ बच्चों को और अपने पती को धोका देके मामी भतीजे के साथ फरार हो गयी हैं...! 



क्या हैं ये पूरी घटना आइये जानते हैं..! 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक अजीब मामला सामने आया है, यहां एक पति अपनी पत्नी की तलाश में SSP कार्यालय पहुंचा. पीड़ित पति सोनू का आरोप है कि उसकी पत्नी रीता अपने ही भांजे मोनू के साथ प्रेम संबंधों के चलते फरार हो गई है और तीन बच्चों को छोड़ चुकी है.

जानकारी के मुताबिक जानसठ कोतवाली क्षेत्र के तिसंग गांव निवासी सोनू की शादी 2013 में खतौली कोतवाली के गलोपुर तल्हेड़ी गांव निवासी रीता से हुई थी. शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे भी हुए. सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 19 मार्च को रीता अचानक घर से गायब हो गई.



सोनू ने पत्नी की काफी तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला तो थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस की जांच में पता चला कि रीता अपने पति के भांजे मोनू के साथ मेरठ के मवाना थाना क्षेत्र के रप्पन गांव में रह रही है. पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन रीता बालिग होने के चलते अपनी मर्जी से मोनू के साथ रहने लगी.

अब पीड़ित सोनू ने SSP से गुहार लगाई है, उसका कहना है कि रीता ने फोन पर धमकी दी है कि उसका पीछा न करे वरना अंजाम बुरा होगा. सोनू को अपनी जान का खतरा है और वह चाहता है कि बच्चों की खातिर रीता घर लौट आए.



पीड़ित पति ने SSP से लगाई मदद की गुहार

सोनू का कहना है कि रीता घर से 40 हजार रुपये, जेवर और एक बच्ची को लेकर गई थी. वह चाहकर भी पत्नी से संपर्क नहीं कर पा रहा क्योंकि उसका नंबर ब्लॉक कर दिया गया है.

तो दोस्तो ये थी पूरी कहानी... मेरा तो ये कहानी देख औ
र सुन कर हस हस के पेट दर्द करने लगा था... आपके क्या हाव भाव हुये मुझे जरूर बताए... 

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पत्नी से पीड़ित हो कर हार मानने वाले पुरुषो के लिए प्रेरणा बन गये "ललित शर्मा"

पति ने खुद जुटाए 500 से अधिक सबूत:
पत्नी ने लगाया दहेज प्रताड़ना और मगपीठ का गंभीर आरोप! 

Writer : Sushant Patil Storyteller

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पत्नी ने अपने पति पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। पति को जब लगा कि उसे इस झूठे केस में जेल जाना पड़ेगा तो उसने अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए खुद ही इन्वेस्टिगेशन किया। 500 से ज्यादा सबूत जुटाए जिससे वो बेकसूर साबित हो सके।

जो पुरुष पत्नी पीड़ित हैं उनको इस कहानी से प्रेरणा मिलेगी इसलिये अंत तक पढ़े...! 

आइये कहानी को विस्तार में समझते हैं..! 

आइए जानते हैं दहेज प्रताड़ना के केस का सामना करने वाले ललित शर्मा की कहानी उन्हीं की जुबानी...

कहानी की शुरुआत 29 जनवरी 2017 से होती है। इसी दिन मेरी और उज्जैन के महिदपुर की रहने वाली युवती से लव विथ अरेंज मैरिज हुई थी, जिसका खर्च मेरे परिवार ने उठाया। 29 दिसंबर 2017 को मैं एक बेटी का पिता बनता हूं। सब ठीक ठाक चल रहा था। छोटा सा परिवार दूसरे राज्यों में घूमने भी जाता था। पत्नी भी गर्मियों में मायके जाती थी। साल 2023 में भी उसने बेटी के स्कूल की छुट्‌टी का हवाला देकर मायके जाने की बात की, तो मैंने रिजर्वेशन करा दिया और खुद जयपुर-भोपाल ट्रेन में बैठाने स्टेशन गया।


पत्नी के चचेरे भाई ने कमरे में बंद कर मारा पत्नी 3 अप्रैल 2023 को मायके पहुंच गई। मेरी 15 अप्रैल तक फोन पर बात होती रही। 6 अप्रैल को बात करके 18 अप्रैल को वापसी का टिकट भी कटवा लिया और मैंने मोबाइल पर पत्नी को सेंड भी कर दिया। 16 अप्रैल से पत्नी ने बात करनी बंद कर दी और 17 अप्रैल को फोन पर साफ कर दिया कि अब कॉल मत करना। मैं अब अजमेर नहीं आऊंगी। उसी रात मैंने मुख्यमंत्री और उज्जैन के पुलिस अधीक्षक को ट्वीट किया कि परिवार को बिखरने से बचा लें।

मैं एक भाई और एक दोस्त के साथ 18 अप्रैल को जावरा ताल होते हुए शाम 5 बजे महिदपुर पहुंचा। उस समय पत्नी और बेटी मायके में नहीं थे। पूछने पर बताया कि उज्जैन गई हैं। फिर मुझे एक कमरे में बैठा दिया गया और कहा कि 3 माह बाद बेटी को भेजेंगे। पत्नी के चचेरे भाई ने मुझे मारा और पत्नी को भेजने से इनकार कर दिया। डायल-100 को भी बुला लिया। पुलिस कर्मियों ने हमें वापस जाने को कहा तो मैं अजमेर लौट आया।

पत्नी ने लगाए मारपीट के आरोप, एफआईआर कराई 19 अप्रैल 2023 को मेरे और बुजुर्ग माता-पिता के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए, 323, 294, 506, 34 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर कराई गई। मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैंने अजमेर और बाद में उज्जैन जाकर पत्नी से मारपीट की।

ऐसे गंभीर आरोप लगते ही कोई दुसरा होता तो डर के गलत कदम उठाता... पर ललित ने हिम्मत नही हारी...! 

ललित ने मुलाखत में बताया... 

एफआईआर की सूचना मुझे 23 अप्रैल को तब मिली, जब उज्जैन महिला थाने के जांच अधिकारी ने आधार कार्ड लेकर 26 अप्रैल को थाने बुलाया। थाने में मुझे दस्तावेज के प्रिंट और फोटो दिखाए गए। जब मैंने कहा कि धारा 498 में बगैर जांच के कोर्ट में चालान कैसे पेश किया जा सकता है तो पुलिस ने कहा- सबूत कोर्ट में दिखाना।

डीआईजी से मिले, तब शुरू हुई जांच मैं तत्कालीन डीआईजी अनिल कुशवाह के पास पहुंचा और निष्पक्ष जांच की मांग की। 12 पेज का आवेदन और मारपीट न करने के सबूत भी दिए। इसके बाद सब इंस्पेक्टर मानसिंह झाला को जांच सौंपी गई। इस जांच के दौरान मैंने 500 से अधिक सबूत (डिजिटल एविडेंस, फोटो-वीडियो, परिवार वालों के बयान) पुलिस को उपलब्ध कराए।

पत्नी ने कहा कि उसे घर से निकाला गया तो मैंने अजमेर के अभय कमांड सेंटर से CCTV फुटेज लेकर उच्च अधिकारियों को सौंपे। इनमें स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि मैंने पत्नी और बेटी को रेलवे स्टेशन छोड़ा, पुलिस को गूगल लोकेशन भी उपलब्ध कराई। इसके अलावा पत्नी के मायके जाने के बाद के ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिंग, वॉट्सऐप चैट्स और फोन कॉल्स के स्क्रीनशॉट्स, पत्नी द्वारा मायके में होने वाली कॉल्स का पिछले 6 महीने का रिकॉर्ड, 2017 से 2023 घटना की तारीख तक की वॉट्सऐप चैट्स और फोटोग्राफ्स शादी के बाद पति-पत्नी के खुशहाल जीवन के वीडियो और तस्वीरें भी उपलब्ध कराए।

इन सबूतों के आधार पर मामला पलट गया और पुलिस ने मेरे पक्ष में कोर्ट में रिपोर्ट पेश की है।
जांच अधिकारी को दिया धन्यवाद पत्र मामले की निष्पक्ष जांच के लिए ललित शर्मा ने एसपी उज्जैन की मौजूदगी में जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर मानसिंह झाला को धन्यवाद पत्र सौंपा। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री, डीजीपी, कलेक्टर और आईजी उज्जैन को पत्र लिखकर जांच अधिकारी को सम्मानित करने का अनुरोध किया है।

तो दोस्तो क्या लगता हैं आपको? कौनसी सजा अदालत पत्नी को देगी? या फिर इतना सब प्रयास करके भी ललित को जेल जाना पड़ेगा? आपके विचार जरूर बताए..! 

Thursday, April 24, 2025

मध्यप्रदेश के बुरहानपूर में एक नाबलिक लड़की ने अपने पती की निर्घृण हत्या की और अपने पती का शव दिखाने के लिए अपने आशिक को व्हिडिओ कॉल कीया और बोला “जाणू काम हो गया..!

मध्यप्रदेश के बुरहानपूर में एक नाबलिक लड़की ने अपने पती की निर्घृण हत्या की और अपने पती का शव दिखाने के लिए अपने आशिक को व्हिडिओ कॉल कीया और बोला “जाणू काम हो गया..! “


Writer : Sushant Patil Storyteller

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मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में दिल दहलाने वाली घटना घटी है। जिले में 25 वर्षीय शख्स की उसकी नाबालिग पत्नी ने अपने प्रेमी और दो सहयोगियों की मदद से कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को बताया कि चारों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस 16 साल की लड़की के परिवार के सदस्यों के खिलाफ बाल विवाह का मामला दर्ज करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है।

बीअर की बॉटल से ३६ वार भी पत्नी ने किये थे...!! 


अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान जिले के शाहपुर कस्बे के निवासी राहुल कुमार उर्फ राजेंद्र पांडे के रूप में हुई है। नाबालिग और राहुल की शादी चार महीने पहले हुई थी। बुरहानपुर के सिटी सुपरिटेंडेंट (सीएसपी) गौरव पाटिल ने बताया, "13 अप्रैल को इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बुरहानपुर आईटीआई कॉलेज के पास झाड़ियों में एक युवक का शव मिला था। जांच में पता चला कि राहुल कुमार एक दिन पहले अपनी पत्नी के साथ खरीदारी करने गया था, जो लापता थी, जिससे शक पैदा हुआ।"


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हैद्राबाद के माजी फौझी ने अपने ही पत्नी की दुर्देवी हत्या की!

हैद्राबाद के माजी सैनिक ने अपने ही पत्नी की हत्या करके शव के तुकडे करके कुकर में उबाले..! 


Writer : Sushant Patil Storyteller

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आइये पूरी कहानी को समझते हैं! 

हैदराबाद में पूर्व सैनिक ने पत्नी का खौफनाक कत्ल कर डाला और उसके शव से भी क्रूरता की। उसकी हरकत ऐसी थी कि कोई भी शख्स सुनकर ही सिहर जाए। 45 वर्षीय शख्स गुरु मूर्ति ने अपनी पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर डाला और फिर शव के तमाम टुकड़े कर डाले। यही नहीं उसने शव के टुकड़ों को प्रेशर कुकर में उबाला। आरोपी की पहचान गुरु मूर्ति के रूप में हुई है, जो फिलहाल DRDO के स्थानीय सेंटर में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम करता है। इसके अलावा वह सेना में रह चुका है, जहां से रिटायरमेंट के बाद वह गार्ड की नौकरी कर रहा था। गुरु मूर्ति का अपनी पत्नी के साथ झगड़ा होता रहता था और माना जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर ही उसने ऐसे कांड को अंजाम दे डाला। उसकी पत्नी वेंकट माधवी के लापता होने की रिपोर्ट परिजनों ने 16 जनवरी को पुलिस में दर्ज कराई थी।

इस मामले में पुलिस ने अलग-अलग ऐंगल से जांच की और फिर जब गुरु मूर्ति से ही सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। यही नहीं पुलिस से उसने यह भी कबूला कि पत्नी को मार डालने के बाद उसके शव को टुकड़े-टुकड़े कर डाला और उन्हें प्रेशर कुकर में उबाल दिया।


 ऐसा उसने इसलिए किया ताकि शव से सड़ने के बाद बदबू न आए और दुनिया के सामने उसका यह खूंखार अपराध न आ जाए। पुलिस इंस्पेक्टर नागराजू ने कहा, 'महिला के पैरेंट्स ने मिसिंग कंप्लेंट कराई थी। उनके साथ पति भी आया था। हमें इस मामले में पति पर संदेह हुआ तो पूछताछ की गई। सख्ती दिखाने पर उसने सारी बात कबूल कर ली।'

क्यों तीन दिन तक शव के टुकड़ों को कुकर में उबालता रहा गुरु मूर्ति
गुरु मूर्ति ने कबूल किया है कि उसने वाइफ का कत्ल किया और फिर शव को बाथरूम में ले गया। वहां उसने शव के टुकड़े-टुकड़े कर डाले और फिर उन टुकड़ों को प्रेशर कुकर में उबाला। यहां तक कि उसने शरीर से मांस और हड्डियों तक को अलग कर डाला। फिर उन्हें उबाला। तीन दिन तक वह शव के टुकड़ों को उबालता रहा। इसके बाद उन्हें भरकर एक झील में फेंक आया।


 उसने यह सब इसलिए किया ताकि पड़ोस में रहने वाले लोगों को शव की बदबू न आए। उसके दावों की फिलहाल पुलिस पड़ताल कर रही है और उसके आधार पर ही सबूत तलाशे जा रहे हैं। गुरु मूर्ति और माधवी के दो बच्चे एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार वालों का कहना है कि दोनों के बीच अकसर विवाद रहता था, लेकिन कत्ल की सही वजह अब तक पता नहीं चली है।


आपको क्या लगता हैं क्या कारण होगा इसके पिछे? आखिर क्यूँ इतनी खतरनाक क्रूरता करणी पढी? आपके विचार जरूर रखे..! 

अवैध रिश्ते का खौफनाक अंजाम: पति की गला दबाकर ह*, बनाया आत्म*त्या का ड्रामा!

🩸अवैध रिश्ते का खौफनाक अंजाम: पति की गला दबाकर ह*, बनाया आत्म*त्या का ड्रामा!  📍 स्थान: अमलिया गांव, फलासिया थाना क्षेत्र, राजस्थान ✍️ लेख...